तेरे आने से ये शाम
और खूबसूरत बन जाती हैं
फिजा भी रंग बदलती है
जब तू आंखों में काजल लगाती हैं
कांटे तो नसीब में आने ही थे ।
फूल जो हमने गुलाब का चुना था ।
इस कदर हम उनकी मोहब्बत में खो गये,
बस एक नजर पड़ी और हम उनके हो गये.
अब इतनी देर भी ना लगा, ये हो ना कहींतू आ चुका हो और तेरा इंतज़ार हो।
ये फूल मुझे कोई विरासत में मिले हैं
तुम ने मिरा काँटों भरा बिस्तर नहीं देखा
भुलाया उनको जाता है जो दिमाग में बसते है,
दिल में बसने वालो को भूलना नामुमकिन है!!