कांटे तो नसीब में आने ही थे ।
फूल जो हमने गुलाब का चुना था ।
दोस्ती दिल का हर गम भुला देती है
बंद आँखों में सपने सजा देती है
दोस्ती की दुनिया जरूर बनाए रखना
क्यूंकि मुहब्ब्त की दुनिया अक्सर रुला देती है
प्यार में बेवफाई मिले तो गम न करना;
अपनी आँखे किसी के लिए नम न करना;
वो चाहे लाख नफरते करें तुमसे;
पर तुम अपना प्यार कभी उसके लिए कम न करना।
गलत सुना था कि
मोहब्बत आँखों से होती है,
दिल तो वो भी चुरा लेते हैं
जो पलकें नहीं उठाते!!
ये मुहब्बत कब, किससे हो जाये इसका अंदाजा नहीं होता
ये वो घर है जिसका कोई दरवाजा नहीं होता