तुम पानी जैसे बनो जो अपना रास्ता खुद बनाता है
पत्थर जैसे ना बनो जो दूसरों का भी रास्ता रोक लेता है
लड़कियाँ इश्क़ में कितनी पागल होती हैंफ़ोन बजा और चूल्हा जलता छोड़ दिया।
तुम क्या जानो उस दरिया पे क्या गुजरीतुमने तो बस पानी भरना छोड़ दिया।
जिद में आकर उनसे ताल्लुक तोड़ लिया हमने,
अब सुकून उनको नहीं और बेकरार हम भी हैं।
वो बचपन की शरारते, वो झूलों पे खेलना
वो माँ का डांटना, वो पापा का लाड-प्यार
पर एक चीज़ और जो इन सब में ख़ास है
वो है मेरी प्यारी बहन का प्यार
ए दिल ,चल एक सौदा करते हैं ,
मैं उसके लिए तड़पना छोड़ देता हूँ ,
तू मेरे लिए धड़कना छोड़ दे …