तुम पानी जैसे बनो जो अपना रास्ता खुद बनाता है
पत्थर जैसे ना बनो जो दूसरों का भी रास्ता रोक लेता है
मिलने का वादा कर गयी थी,
वापस लौट आउंगी ये कहकर गयी थी,
आई है अब वो जनाज़े पे मेरे,
वादा वो अपना निभाने चली थी!!
Jis Jagah Jaakar Koee Vaapas Nahin AataJaane Kyon Aaj Vahaan Jaane Ko Jee Chaahata Hai
अपने खिलाफ बाते खामोशी से सुन लो,यकीन मानो वक्त बेहतरीन जवाब देगा।
काश तकदीर भी होती किसी जुल्फ की तरह…
जब जब बिखरती संवार लेते…