सुकून की बात मत कर
ऐ ग़ालिब,
बचपन वाला इतवार अब
नहीं आता!
Kyu Na Gurur Karu Khud Per ,
Mujhe Usne Chaha ,
Jisko Chahne Wale Hazar The.
सुनो कभी तुम नाराज हुए तो
हम झुक जायेंगे,
कभी हम नाराज हो तो आप
गले लगा लेना..!!
ना जियो धर्मं के नाम परना मरो धर्मं के नाम परइंसानियत ही है धर्मं वतन का बस जियो वतन के नाम पर..
जरूरते भी जरुरी है, जीने के लिये लेकिन,तुझसे जरूरी तो, जिंदगी भी नहीं'...