ना जियो धर्मं के नाम परना मरो धर्मं के नाम परइंसानियत ही है धर्मं वतन का बस जियो वतन के नाम पर..
एडमिन ने ढाबा खोला..ग्राहक – मेरी चाय मै मक्खी डूब कर मरी पड़ी है |एडमिन –तो क्या करू?मै ढाबा चलाऊ या इन्हे तैरना सीखाऊँ |
Ab Kon Se Mausam Se Koi Aas LagayeBarsaat Mein Bhi Yaad Na Jab Un Ko Hum Aye..
टीचर - स्टुडेंट से :- काहें बे कल
स्कुल काहें नही आये रहे ..
स्टुडेंट :- काहें कल जो आए रहे
उनको कलेट्टर बना दिये हो का ?.......
आँखे तो प्यार में दिल की जुबान होती है,
चाहत तो सदा बेजुबान होती है,
प्यार में दर्द भी मिले तो क्या घबराना,
सुना है दर्द से चाहत और जवान होती है.