याद रुकती नही रोक पाने से.
दिल मानता नही किसी के समझाने से.
रुक जाती है धड़केने आपको भूल जाने से.
इसलिये आपको याद करते है जीने के बहाने से.
कही से ये फिजा आई
ग़मों की धुप संग लायी
खफा हो गये हम, जुदा हो गये हम....
मेरी तन्हाई का जो क़िस्सा है,
उसमें चाय का एक अहम हिस्सा हैं.
जिस्म छूने से मोहब्बत नहीं होती,
इश्क़ वो जज़्बा है जिसे ईमान कहते हैं
तेरे रुखसार पर ढले हैं मेरी शाम के किस्से,
खामोशी से माँगी हुई मोहब्बत की दुआ हो तुम