कब आया, कब चला गया,कोई लुढ़कता सामान हो जाता हूँ,पेट की आग बुझाने को,रहता हूँ घर से दूर,कब आया, कब चला गया,अपने घर में भी, मेहमान हो जाता हूँ l
Pyar Bhari shayari
Raat hain kafi, thandi hawa chal rahi hain..
Goodnight Shayari
हर दर्द की दवा हो तुम,
आज तक जो मांगी मेरी एक लौटी दुआ हो तुम,
तुम्हे मिलने की तमन्ना नहीं उठती कभी,
क्यूंकि जो हर वक़्त साथ रहती है वो हवा हो तुम.
“Happy Valentine’s Day ”
इक नाम क्या लिखा तिरा साहिल की रेत पर
फिर उम्र भर हवा से मेरी दुश्मनी रही
कल का हर वाक़िआ तुम्हारा था
आज की दास्ताँ हमारी है