कितनी खुबसूरत सी
लगने लगती हे जिंदगी
जब कोई तुम्हारे पास आके
घुटनो के बल बैठे के तुमसे पूछे
Will u be my Valentine
दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है
लम्बी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
यूँ बिछड़ना भी बहुत आसाँ न था उस से मगर
जाते जाते उस का वो मुड़ कर दोबारा देखना
जिस की आँखों में कटी थीं
सदियाँ उस ने सदियों की जुदाई दी है
आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा
कश्ती के मुसाफ़िर ने समुंदर नहीं देखा