बचपन में तो....
शामें भी हुआ करती थी
अब तो बस सुबह के बाद
रात हो जाती है...!!
लाखों तूफान उठे है इस दिल में
तुजे देखने के बाद
काश
जुल्फों की काली घटाओं से ढक पाऊ
ये चाँद सा चेहरा तेरा
मैंने दबी आवाज़ में पूछा - "मुहब्बत करने लगी हो?"नज़रें झुका कर वो बोली - "बहुत"
सफलता हमारा परिचय दुनिया को करवाती है
और असफलता हमें दुनिया का परिचय करवाती है|