खिड़कियाँ कमरों की थोड़ी खोलते क्यों नहीं,
बहते मंद समीर से थोड़ा मिलते क्यों नहीं l
नई सुबह में नई बात सोचों,
नए विचारों के साथ खुद से मिलते क्यों नहीं l
शुभ प्रभात
Good Night
खिलखिलाती सुबह है, है ताजगी भरा सवेरा
फूलों और बहारों ने, है रंग अपना बिखेरा
बस इंतज़ार है आपकी एक मुस्कराहट का
जिसके बिना… ये दिन है अधूरा!
Good Morning My Love.
कोई वादा ना कर, कोई ईरादा ना कर!
ख्वाईशो मे खुद को आधा ना कर!
ये देगी उतना ही, जितना लिख दिया खुदा ने!
इस तकदीर से उम्मीद ज़्यादा ना कर!