खिड़कियाँ कमरों की थोड़ी खोलते क्यों नहीं,
बहते मंद समीर से थोड़ा मिलते क्यों नहीं l
नई सुबह में नई बात सोचों,
नए विचारों के साथ खुद से मिलते क्यों नहीं l
शुभ प्रभात
क्या ऐसा नहीं हो सकता?
हम प्यार मांगे और तुम,
गले लगा कर कहो,
और कुछ?
ज़िन्दगी की हर शाम तेरे लिए
ये महफ़िल ये शहर ये नाम तेरे लिए
तू मुस्कुराती रहे हमेशा तारो की तरह
हर सुबह बस यही मेरा पैगाम तेरे लिए
Good Morning Dear
यादों को तेरी हम प्यार करते हैं,
सारे जन्म भी तुझ पर जान निसार करते हैं,
फुर्सत मिले तो हमे SMS करना,
क्योंकि रोज़ रात हम तेरे Good Night कहने का इंतज़ार करते हैं।
खिलखिलाती सुबह है, है ताजगी भरा सवेरा
फूलों और बहारों ने, है रंग अपना बिखेरा
बस इंतज़ार है आपकी एक मुस्कराहट का
जिसके बिना… ये दिन है अधूरा!
Good Morning My Love.