“निकल आते हैं आँसू गर जरा सी चूक हो जाये,
किसी की आँख में काजल लगाना खेल थोड़े ही है।”
शाम की लाली रात का काजल सुबह की तक़दीर हो तुम,
हो चलता फिरता ताजमहल सांसे लेता कश्मीर हो तुम!!
दिल मुझे उस गली में ले जा कर
और भी ख़ाक में मिला लाया
तुम मोहब्बत को खेल कहते हो
हम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली
कि लोग अक्सर पूछते हैं मेरी खुशियों का राज
इजाजत दो तो आपका नाम बता दूँ