"वो कागज़ और मैं, कलम सा लगता हूँ,उसे मिलने के बहाने, रोज लिखता हूँ,स्याह मोह्हबत का,कागज़ चुम लेता है,कोई गज़ल फिर, उसके नाम कर देता हूँ l"
गगन से भी ऊंचा मेरा प्यार हैतुझी पर मिटूंगा ये इकरार हैतू इतना समझ ले मेरे हमसफ़रतेरे प्यार से मेरा संसार है
Man Hi Man Karati Hu Baatein
Dilki Her Ek Baat Kah Jaati Hu
Ek Baar Le Lo Bahon Mai Ab To Sajna
Yahin Her Baar Kahte Kahte, Ruk Jaati Hu!!!
Happy Hug day 2018 to u dear.
Aye khuda
kuch nahi maanga tujhse
Aaj ek dua poori karde
Maut maang raha hu dede..!
इंसानी जिस्म में सैंकड़ों हैवान देखे हैं,
मैंने दिल में रंजिश रख महफ़िल में आये मेहमान देखे हैं|”