सारा जहाँ है जिसकी शरण में…
नमन है उस शिव के चरण में…
बने उस शिव के चरणों की धूल…
आओ मिलकर चढ़ायें हम श्रद्धा के फूल…
तस्वीर मैंने मांगी थी शोख़ी तो देखिये,इक फूल उसने भेज दिया है गुलाब का !
तस्वीर मैंने मांगी थी शोख़ी तो देखिये,
इक फूल उसने भेज दिया है गुलाब का !
अजीब जुल्म करती हैं तेरी यादें मुझ परसो जाऊं तो उठा देती हैं जाग जाऊँ तो रुला देती है
आँखों की गहराई को समझ नहीं सकते,
होठों से हम कुछ कह नहीं सकते,
कैसे बयाँ करे हम आपको ये दिल-ए-हाल,
की तुम ही हो जिसके बैगेर हम रह नहीं सकते.
Deewana hun tera, mujhe inkaar nahi,
Kaise keh dun ki mujhe tumse pyar nahi,
Kuch shararat to teri nazro mein bhi thi,
Main akela hi to iska gunehgar nahi…!!
नर्म लफ़्ज़ों से भी लग जाती है चोटें अक्सर,
रिश्ते निभाना बड़ा नाज़ुक सा हुनर होता है…….
मुझे जिंदगी का इतना तजुर्बा तो नहीं,
पर सुना है सादगी मे लोग जीने नहीं देते।