उसको पाने की कोशिश में खुद को खो चूका हूँ.
कई बार टूटे हैं सपने, मैं कई बार रो चूका हूँ.
Heart Broken Shayari
यादों की शाल ओढ़ के आवारा-गर्दियाँ
काटी हैं हम ने यूँ भी दिसम्बर की सर्दियाँ
हम अपने इख़्तियार की हद से गुजर गए,चाहा तुम्हें तो प्यार की हद से गुजर गए,
जागी है अपने दिल में गुलाबों की आरज़ू,जब मौसम-ए-बहार की हद से गुजर गए।
ज़िंदगी से यही गिला है मुझेतू बहुत देर से मिला है मुझे
काश एक ख्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर,
वो आके गले लगा ले मेरी इजाजत के बगैर।