Whatsapp Shayari | व्हाट्सएप शायरी Page: 112

Anurag Shukla
Shayari, Slogans, Jokes, Quotes & Funny Images
तेरी खातिर तेरी ख़ुशी के लिए, मैंने सिगरेट भी छोड़ दी हैं  दोस्त  Tahzeeb hafi Shayari

किसके बारे में सोचती हैं  दोस्त तू तो बिल्कुल बदल गई हैं दोस्त 

तेरी खातिर तेरी ख़ुशी के लिए, मैंने सिगरेट भी छोड़ दी हैं  दोस्त 

एक शिकायत मुझे भी हैं तुझसे, तू बहुत झूठ बोलती हैं दोस्त. 

Anurag Shukla
Shayari, Slogans, Jokes, Quotes & Funny Images
उन घरो में जहाँ मिट्टी के घड़े रहते हैं, 

कद में छोटे हो, मगर लोग बड़े रहते हैं.