चाहा तुमको बस यही है हमारी भूल।
कांटे निकले उसमें, जिसे समझा कमल का फूल।।
हार को जीत की इक दुआ मिल गईतप्त मौसम में ठंडी हवा मिल गईआप आये श्रीमान जी यूँ लगाजैसे तकलीफ़ को कुछ दवा मिल गई।
हार को जीत की इक दुआ मिल गई
तप्त मौसम में ठंडी हवा मिल गई
आप आये श्रीमान जी यूँ लगा
जैसे तकलीफ़ को कुछ दवा मिल गई।
ये सर्द रात ये आवारगी ये नींद का बोझ
हम अपने शहर में होते तो घर चले जाते
Good Night Shayari Hindi
किसने दस्तक दी ये दिल पर कौन है
आप तो अंदर है फिर बाहर कौन है..