आदत नहीं पीठ पीछे बुराई करने की
दो लफ्ज़ कम बोलता हूं पर सामने बोलता हूं ।
अगर कोई अपना हो तो आईने जैसा होजो हंसे भी साथ और रोए भी साथ
अगर कोई अपना हो तो आईने जैसा हो
जो हंसे भी साथ और रोए भी साथ
कांटे समझ रहे थे हमारा है दबदबा…
शाखें झुकी हुई थीं फूलों के बोझ से
माँ-बेटी के रिश्ते की बस यही सच्चाई है,बेटी को देखा तो लगा "माँ" की परछाई है l
नजरिया देखने का नज़र में हो,तभी कुछ सुंदर नज़र आता है lवरना आइना को क्या पता,हर आँख को ख्वाब कैसे आता है l
चेहरे पर तेरे सिर्फ मेरा ही नूर होगा,
उसके बाद फिर तू न कभी मुझसे दूर होगा,
जरा सोच के तो देख क्या ख़ुशी मिलेगी, जिस पल तेरी मांग में मेरे नाम का सिंदूर होगा।
“Happy Valentine’s Day”