देख कर आपकी मुस्कुराहट हम होश गवां बैठेंहोश में आने ही वाले थे की आप फिर से मुस्कुरा बैठे.
देख कर आपकी मुस्कुराहट हम होश गवां बैठें
होश में आने ही वाले थे की आप फिर से मुस्कुरा बैठे.
सुना है हश्र हैं उस की ग़ज़ाल सी आँखें
सुना है उस को हिरन दश्त भर के देखते हैं
बंदगी हम ने छोड़ दी है 'फ़राज़'
क्या करें लोग जब ख़ुदा हो जाएँ
आप की याद आती रही रात भर
चाँदनी दिल दुखाती रही रात भर
हर धड़कते पत्थर को लोग दिल समझते हैं
उम्रें बीत जाती हैं दिल को दिल बनाने में
हुस्न के समझने को उम्र चाहिए जानाँ
दो घड़ी की चाहत में लड़कियाँ नहीं खुलतीं