टीचर - स्टुडेंट से :- काहें बे कल
स्कुल काहें नही आये रहे ..
स्टुडेंट :- काहें कल जो आए रहे
उनको कलेट्टर बना दिये हो का ?.......
हसरत ए दीदार के लिये
उसकी गली मे मोबाईल की दुकान खोली ……
मत पूछो अब हालात ए बेबसी ऐ गालिब,
रोज़ एक नया शख्स उनके नम्बर पे रीचार्ज़ करवानें आता है …..
सफलता का कोई पैमाना नहीं होता –
एक गरीब बाप का बेटा बड़ा होकर ऑफिसर बने पिता के लिए यही सफलता है।
जिस इंसान के पास कुछ खाने को ना हो वो सुख पूर्वक 2 वक्त की रोटियां जुटा ले ये भी सफलता है
हालात ही ऐसे है कि आँसू छलक आते है,दे कर के लाखो गम, सभी दिल को दुखाते है,मैं आज तलक ना समझ पाया हु मेरे खुदा,मेरे किये अहसानों को सब क्यों भूल जाते है|