तुम पानी जैसे बनो जो अपना रास्ता खुद बनाता है
पत्थर जैसे ना बनो जो दूसरों का भी रास्ता रोक लेता है
भारत के गणतंत्र का,
सारे जग में मान है,
दशकों से खिल रही,
उसकी अदभुत शान हैं.
असल में वही
जीवन की चाल समझता है …
जो सफ़र में
धूल को गुलाल समझता है ..!
Tujhse banti bhi nhi,
tere bina chalti bhi nhi..
Aankhe dil ka har raaz
Bayan karti hai
Bas unko padhne wala
Dil koi chahiye....