जाने अब कौन आँखों से निकल,कागज़ पे आने वाला है,सुना हैं मेरा मेहबूब फिर,कोई तस्वीर बनाने वाला है l
Pyar Bhari shayari
फूलों पर जैसे पड़ती बारिश की बौछार है
चमकने को जैसे फूल भी तैयार है
उसी तरह मेरा दिल भी बेकरार है
तु ही बता में क्यु ना कहु की तुझसे कितना प्यार है
अपने जैसी कोई तस्वीर बनानी थी मुझे
मिरे अंदर से सभी रंग तुम्हारे निकले
हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन
दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है