अपने ही अपनों से करते है अपनेपन की अभिलाषापर अपनों ने ही बदल रखी है अपनेपन की परिभाषा
अपने ही अपनों से करते है अपनेपन की अभिलाषा
पर अपनों ने ही बदल रखी है अपनेपन की परिभाषा
Pyar karna koi gunah nhi hota
pyar se pyara koi jzba nhi hota
Pyar ka rista isliye 6upana padta he
Kyuki sacchha pyar logo se bardasht nhi hota..
अब ये हसरत है कि सीने से लगाकर तुझको
इस क़दर रोऊँ की आंसू आ जाये
हवा के साथ उड़ गया घर इस परिंदे का,
कैसे बना था घोसला वो तूफान क्या जाने !