कबूल हो गई हर दुआ हमारी, मिल जो गई हमें चाहत तुम्हारी, अब नही चाहत है दिल में हमारे कुछ, जब से मिल गई है मोहब्बत तुम्हारी !
Yaad rahega ye dour- E hayaat humko
Ki tarse the zindgi me zindgi ke liye
मुझे अपने कल की फ़िक्र आज भी नहीं है
लेकिन तुझे पाने की चाहत क़यामत तक रहेगी
याददाश्त की दवा बताने में सारी दुनिया लगी है !!!…
तुमसे बन सके तो तुम हमें भूलने की दवा बता दो…!!!
Naa Jane Q..!Magar is Jhoothi Dunya K Jhootay Log,
Wafain Kar Nhi Saktay Waday Hazaar Kartay Hain…