यह चमत्कार केवल “विश्वास” ही कर सकता हैं,
जो पत्थर को भी “भगवान” कर सकता हैं.
मत पूछ मुझसे की तुझसे किस हद तक चाहत है मेरी, बस इतना समझ ले तू आदत है मेरी। 9360
मेरी, बस इतना समझ ले तू आदत है मेरी।
किसी को न पाने से जिंदगी खत्म नहीं होती
लेकिन किसी को पाकर खो देने से कुछ बाकी भी नहीं रहता|
कल जो मिली थी खुशबु-ऐ-इत्र,उसकी बात तो बता रहा हूँ lऔर जो महका गया,वो कोना-कोना रूह तक lवो एहसास जिए जा रहा हूँ l
वफ़ा तुझ से ऐ बेवफ़ा चाहता हूँ
मिरी सादगी देख क्या चाहता हूँ
Ek Tere Na Rehne Se Badal
Jaata Hai Sab Kuch……
Kal Dhoop Bhi Deewar Pe
Poori Nahi Utri…