जिंदगी एक कविता है
गुनगुनाते रहिये,
मुश्किलें हो हजार
फिर भी मुस्कुराते रहिये..
लड़का - देखो मैं तुम्हारी जुल्फों के
लिए क्या लाया हूँ
लड़की - क्या लाये हो मेरी जान ?
लड़का - उस्तरा,टकली करूँगा तुझे,
तूने मेरे सिर में भी जुएं फैला दिए है
दर्द, गम, डर जो भी है बस तेरे अंदर है
खुद के बनाये पिंजरे से बाहर निकल,तू
भी एक सिकंदर है
जिंदगी को आसान नहीं
बस खुद को
मजबूत बनाना पड़ता है..
पति : आज ऐसी चाय बनाओ कि
पीते ही तन बदन झूमने लगे और
मन नाचने लगे..
पत्नी :हमारे यहाँ भैंस का दूध आता है
नागिन का नहीं
हिन्दी मेरी पहचान है|