“काश...तुम मेरे होते,
और ये अल्फ़ाज़ तुम्हारे होते।”
तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं
किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं
मैं सच कहूँगी मगर फिर भी हार जाऊँगी
वो झूट बोलेगा और ला-जवाब कर देगा
वो शख्स जो कहता था तू न मिला तो मर जाऊंगा "फ़राज़"वो आज भी जिंदा है यही बात किसी और से कहने के लिए