वो शख्स जो कहता था तू न मिला तो मर जाऊंगा "फ़राज़"वो आज भी जिंदा है यही बात किसी और से कहने के लिए
कैसे एक लफ्ज़ में बयां कर दूँ
दिल को किस बात ने उदास किया
न जाने किस तरह का इश्क कर रहे हैं हम,
जिसके हो नहीं सकते उसी के हो रहे हैं हम।
तबाह होकर भी तबाही दिखती नही,ये इश्क़ है इसकी दवा कहीं बिकती नहीं।
अरमान ही बरसो तक जला करते है हमेशा ,
इंसान तो इक पल मे खाक हो जाता है !!