आदत नहीं पीठ पीछे बुराई करने की
दो लफ्ज़ कम बोलता हूं पर सामने बोलता हूं ।
जिस्मों से खेलने वाला मोहब्बत क्या करेगा,
वो गुनाहों का देवता है, इबादत क्या करेगा…
जब मेरी वजह से कोई हर्ट होता है ना,
तो कुछ देर बाद उनसे ज्यादा बुरा मुझे लगता है......!!!
उसने मुझ से नफरत मरते दम तक करने की कसम खा ली है,और मैंने भी उसे प्यार मरते दम तक करने की कसम खा ली है !!
उसने मुझ से नफरत मरते दम तक करने की कसम खा ली है,
और मैंने भी उसे प्यार मरते दम तक करने की कसम खा ली है !!
कब आया, कब चला गया,कोई लुढ़कता सामान हो जाता हूँ,पेट की आग बुझाने को,रहता हूँ घर से दूर,कब आया, कब चला गया,अपने घर में भी, मेहमान हो जाता हूँ l
ये इश्क़ मोहब्बत की रिवायत भी अजीब है
पाया नहीं है जिसको उसे खोना भी नहीं चाहते