जब मेरी वजह से कोई हर्ट होता है ना,
तो कुछ देर बाद उनसे ज्यादा बुरा मुझे लगता है......!!!
कुछ अल्फ़ाज़ की तरतीब से बनती है शायरी
कुछ चेहरे भी मुकम्मल ग़ज़ल हुआ करते हैं
दिल की धड़कन और मेरी सदा है तू,
मेरी पहली और आखिरी वफ़ा है तू,
चाहा है तुझे चाहत से भी बढ़ कर,
मेरी चाहत और चाहत की इंतिहा है तू।
हम है वफ़ा के पुजारी , हरदम वफ़ा करेंगे,
एक जान रह गयी है , इससे भी तुम पर फ़िदा करेंगे.
अल्लाह करे तुमको भी हो चाह किसी की,
फिर मेरी तरह तू भी, राह देखे रहा किसी की
Tum Mujhe Kabhi Dil Se Kabhi Aankhon Se Pukaaro,
Yeh Hontho Ke Takalluf Toh Zamaane Ke Liye Hain.