तुम पगडंडी हो महलों की मैं खेतों वाली राह प्रियेतुम होटल वाली कॉफी सी मैं अदरक वाली चाय प्रिये
तुम पगडंडी हो महलों की मैं खेतों वाली राह प्रिये
तुम होटल वाली कॉफी सी मैं अदरक वाली चाय प्रिये
आने में जो तुम देर लगाती हो ,कहाँ सितारों में खो जाती हो lमेरे कल की गलती का बदला तो नहीं,मुझे सताने को देर तक रास्ते में रह जाती हो l
दिल की धड़कन और मेरी सदा है तू,
मेरी पहली और आखिरी वफ़ा है तू,
चाहा है तुझे चाहत से भी बढ़ कर,
मेरी चाहत और चाहत की इंतिहा है तू।
कब तक उसे सोचूंगा, कब तक गाऊंगा,ये मुमकिन हो,वो मेरी हो जाए तो क्या होगा,उसकी याद में पिघलता हूँ, वैसे ही रात भर,नींद से जागूंगा तो, आगोश में सो जाऊँगा l
रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ
आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ
तुझे ना पा सके तो भी सारी जिंदगी तुझे प्यार करेंगे
ये जरूरी तो नहीं जो मिल ना सके उसे छोड़ दिया जाये