काश ! कोई इस रात की शहर रोक लेता ,काश ! आज कोई मुझे अपने घर रोक लेता l
गुस्सा ना जाने,सारा कहाँ खो गया lउसकी आवाज़ सुनी,मन फिर उसका हो गया l
"सारी दुनियाँ के फेसबुक पे, रंगीन तस्वीर,एक दिन में, एक युग का आलम बताते रहे,वो अपनी खबर की कोई तस्वीर बता देती,ये सोच के हम कई बार फोन उठाते रहे l"
कब तक उसे सोचूंगा, कब तक गाऊंगा,ये मुमकिन हो,वो मेरी हो जाए तो क्या होगा,उसकी याद में पिघलता हूँ, वैसे ही रात भर,नींद से जागूंगा तो, आगोश में सो जाऊँगा l
"मोह्हबत में गुलाब के पौधे नहीं,
बरगद का पेड़ लगाया है..
आज तो खूबसूरत कुछ भी नहीं,
कल के उम्मीदों का आसमां सजाया है l"❤
कृषि कानूनों को इतना बेहतर बनाएं,
कि सड़कों पर कभी गरीब किसान न आएं.