करने वाले डरा नहीं करते,
डरने वाले करा नहीं करते .
जो करते है डर पे काबू,
उनका दिमाग कभी ना हो बेकाबू .
उनके लिए जब हमने भटकना छोड़ दिया,
याद में उनकी जब तड़पना छोड़ दिया,
वो रोये बहुत आकर तब हमारे पास,
जब हमारे दिल ने धडकना छोड़ दिया
तेरे रुखसार पर ढले हैं मेरी शाम के किस्से,
खामोशी से माँगी हुई मोहब्बत की दुआ हो तुम
न जाने किस तरह का इश्क कर रहे हैं हम,
जिसके हो नहीं सकते उसी के हो रहे हैं हम।।
कैसे एक लफ्ज़ में बयां कर दूँ
दिल को किस बात ने उदास किया