"सारी दुनियाँ के फेसबुक पे, रंगीन तस्वीर,एक दिन में, एक युग का आलम बताते रहे,वो अपनी खबर की कोई तस्वीर बता देती,ये सोच के हम कई बार फोन उठाते रहे l"
तकदीर के हाथों खुद को में जोड़ना नहीं चाहता,
मेरे दो हाथो का होसला में तोडना नहीं चाहता,
मौसम की तरह बदल जाती ये हाथो की लकीरें,
बंद मुट्ठी मेरी हरगिज़ मैं खोलना नहीं चाहता।
Udas na baitho fiza tang karegi,
Gujre hue lamho ki sazaa tang karegi,
Kisi ko na lao dil ke itna karib,
kyuki uske jane ke baad uski har adaa tang karegi….
Larki Ro Ro K Larkay SeKeh Rahi Hai,Larki Ro Ro K Larke SeKeh Rahi Hai,Haath Chooro Jan..Meri Naak Beh Rahi Hai.Happy Winter SeasonAaaa….chhii
क्लास में आख़िरी बेन्च पर जो कुरेद कर तुम्हारा नाम लिखा था,
ज़िन्दगी की सब से लम्बी कहानी वही तो थी ….