तेरे खामोश होंठों पर मोहब्बत गुनगुनाती है,तू मेरा है मैं तेरा हूँ बस यही आवाज़ आती है।
कुछ बातें इतनी गंभीर होती है,कि वो केवल मजाक में ही कि जा सकती है
मतलब की बात सब समझ लेते है
लेकिन बात का मतलब बहुत कम लोग ही समझ पाते है।
हर रात को तुम इतना
याद आते हो के हम भूल गए हैं,
के ये रातें ख्वाबों के लिए होती हैं,
या तुम्हारी यादों के लिए
वो इस तरह मुस्कुरा रहे थे , जैसे कोई गम छुपा रहे थे !!
बारिश में भीग के आये थे मिलने , शायद वो आंसु छुपा रहे थे !
मंजिले आसान सारे मुस्किले वे नूर हो !
दिल की जो हो तम्मना वो हमेशा दूर हो !!
लब पे लब की बात हो, खुशियों में सिमटी जिन्दगी !
गम भरी पारछाइया आँचल से लाखो दूर हो !!