शायरी मे सिमटते कहाँ हैँ दिल के दर्द दोस्तों
बहला रहे हैँ खुद को जरा कागजो के साथ
नफरत को मोहब्बत की आँखों में देखा,
बेरुखी को उनकी अदाओं में देखा,
आँखें नम हुईं और मैं रो पड़ा…
जब अपने को गैरों की बाहों में देखा।
हम है वफ़ा के पुजारी , हरदम वफ़ा करेंगे,
एक जान रह गयी है , इससे भी तुम पर फ़िदा करेंगे.
अल्लाह करे तुमको भी हो चाह किसी की,
फिर मेरी तरह तू भी, राह देखे रहा किसी की
GST को आसानी से समझने का आसान उदाहरणटीचर अगर एक आम के पेड़ पर 10 केले लगे हो, और उनमें से 7 अमरूद तोड़ लिए जाए तो वहाँ कितने अंगूर बचेछात्र सर 9 हाथी टीचर वाह , तुम्हे कैसे पता चला ?छात्र सर, क्योंकि आज मैं लंच में गोभी की सब्ज़ी लाया हूँMoral of the Story: रोज ब्रश किया करो वरना पेट्रोल महँगा हो जाएगा
एक उमर बीत चली है तुझे चाहते हुए,
तू आज भी बेखबर है कल की तरह..!