शायरी मे सिमटते कहाँ हैँ दिल के दर्द दोस्तों
बहला रहे हैँ खुद को जरा कागजो के साथ
सर्दी में भी ठंडे-ठंडे पानी से नहाना चाहिए,
ज्यादा ठंड लगे तो रजाई में घुस जाना चाहिए…
ये लम्हा मेरी मोहब्बत से भरा है ,
ये समां मेरी मोहब्बत से भरा है ,
इस गुलाब को सिर्फ गुलाब मत समझना,
और से देखना ये गुलाब मेरी मोहब्बत से भरा है.
साधू:-बच्चा, तुझे स्वर्ग मिलेगा,लाओ कुछ दक्षिणा दे जाओ।लड़का:-ठीक है दक्षिणा में आपको मैंने दिल्ली दी।आज से दिल्ली आपकी हुई।साधू :-दिल्ली क्या तुम्हारी है ?जो मुझे दे रहे हो।लड़का :-तो स्वर्ग क्या तेरे बाप ने खरीद रखा है,जो तू उधर के प्लाट यहाँ बांट रहा है।
आहिस्ता आहिस्ता कीजिये कत्ल मेरे अरमानों का……
कहीं सपनों से लोगों का ऐतबार ना उठ जाए..