फूल खिलते रहे ज़िन्दगी की राह में …
हँसी चमकती रहे आपकी निगाह में …
कदम कदम पर मिले ख़ुशी की बहार आपको,,,
दिल देता है यही दुआ हर बार आपको…
तुम जलते रहोगे आग की तरह
और हम खिलते रहेंगे गुलाब की तरह
जिस्म छूने से मोहब्बत नहीं होती,
इश्क़ वो जज़्बा है जिसे ईमान कहते हैं
धोखा ना देना कि तुझपे ऐतबार बहुत है,
ये दिल तेरी चाहत का तलबगार बहुत है,
तेरी सूरत ना दिखे तो दिखाई कुछ नहीं देता,
हम क्या करें कि तुझसे हमें प्यार बहुत है।
लोग पूछते हैं हमसे
कि तुम अपने प्यार का इज़हार क्यों नहीं करते;
तो हमने कहा जो लफ़्ज़ों में बयां हो जाए
हम उनसे प्यार उतना नहीं करते…