हमदर्दी ना करो मुझसे ए मेरे हमदर्द दोस्तों,वो भी बड़ी हमदर्द थी जो दर्द हजारो दे गई !!
हमदर्दी ना करो मुझसे ए मेरे हमदर्द दोस्तों,
वो भी बड़ी हमदर्द थी जो दर्द हजारो दे गई !!
तेरी नादानियों पर ख़ामोश था मैं,
और तूने मुझे कमज़ोर समझ लिया..
अपने हसीन होंठों को किसी परदे में छुपा लिया करो,
हम गुस्ताख लोग हैं नज़रों से चूम लिया करते हैं.
ऐ जिंदगी तुझे भी हैप्पी टीचर्स डे |
तूने मुझे बहुत कुछ सिखाया है और आज भी सीखा रही है |
हमसे ना कट सकेगा अंधेरो का ये सफर
अब शाम हो रही हे मेरा हाथ थाम लो।