प्यार हमेशा हद में रहकर किया जाए,
समय बर्बाद होता है अगर बेहद हो जाए
तुम पगडंडी हो महलों की मैं खेतों वाली राह प्रियेतुम होटल वाली कॉफी सी मैं अदरक वाली चाय प्रिये
तुम पगडंडी हो महलों की मैं खेतों वाली राह प्रिये
तुम होटल वाली कॉफी सी मैं अदरक वाली चाय प्रिये
वक़्त पर न जा क्योंकि वक़्त तो हर जख्म की दवा है…
आज तुमने हमें भुला दिया कल तम्हें कोई और भुला देगा…
माँ की सी मुझे नज़र दे ऐ खुदाकि ज़माना मुझे फिर बुरा न लगे।
रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ
आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ
समेट कर ले जाओ अपने झूठे वादों के अधूरे किस्से
अगली मोहब्बत में तुम्हें ये काम आयेंगे