वक्त बताता है कोन कब कितना अपना हैबातें तो सब अच्छी कर लेते हैं
वक्त बताता है कोन कब कितना अपना है
बातें तो सब अच्छी कर लेते हैं
एक मुलाक़ात दो प्याली चाय हम और तुमऔर बातें बेहिसाब कहिये मंजूर है जनाब
एक मुलाक़ात दो प्याली चाय हम और तुम
और बातें बेहिसाब कहिये मंजूर है जनाब
इतने घने बादल के पीछे
कितना तन्हा होगा चाँद
मेरी तन्हाई का जो क़िस्सा है,
उसमें चाय का एक अहम हिस्सा हैं.
लोगों का क्या है,
ये दुनिया हैं यहाँ अपने हाथों की लकीरें भी बदल जाती हैं
साहब.
गुड मॉर्निंग