वक्त बताता है कोन कब कितना अपना हैबातें तो सब अच्छी कर लेते हैं
वक्त बताता है कोन कब कितना अपना है
बातें तो सब अच्छी कर लेते हैं
दर्द हैं दिल में पर इसका ऐहसास नहीं होता
रोता हैं दिल जब वो पास नहीं होता
बरबाद हो गए हम उनकी मोहब्बत में
और वो कहते हैं कि इस तरह प्यार नहीं होता
एक मुलाक़ात दो प्याली चाय हम और तुमऔर बातें बेहिसाब कहिये मंजूर है जनाब
एक मुलाक़ात दो प्याली चाय हम और तुम
और बातें बेहिसाब कहिये मंजूर है जनाब
लोगों का क्या है,
ये दुनिया हैं यहाँ अपने हाथों की लकीरें भी बदल जाती हैं
साहब.
गुड मॉर्निंग