या देवी सर्वभूतेषु
शक्तिरूपेण संस्थिता.
नमस्तस्यै नमस्तस्यै
नमस्तस्यै नमो नम:.
मेरे-तेरे इश्क़ की छाँव में… जल-जलकर!
काला ना पड़ जाऊ कहीं !
तू मुझे हुस्न की धुप का
एक टुकड़ा दे…!
जिनकी आंखें आंसू से नम नहीं,
क्या समझते हो उसे कोई गम नहीं,
तुम तड़प कर रो दिये तो क्या हुआ,
गम छुपा के हंसने वाले भी कम नहीं.
इच्छाओं को थोड़ा घटाकर देखिए
आपको खुशियों का संसार नज़र आएगा
ज़िन्दगी एक पल है, जिसमें न आज है न कल है,
जी लो इसको इस तरह, की जो भी आपसे मिले वो यही कहे,
बस यही मेरी ज़िन्दगी का सबसे हसीं पल है।
जुबां खुली पर कुछ कह न पाए , आँखों से चाहत जता रहे थे !
सुबह की चाहत लिए नज़र में , रात नज़र में बिता रहे थे !!