या देवी सर्वभूतेषु
शक्तिरूपेण संस्थिता.
नमस्तस्यै नमस्तस्यै
नमस्तस्यै नमो नम:.
Wo Chham chham karke aayi,Main mangal sutra lekar khada tha,Wo Rakhi bandhkar chali gayi.
रिश्तों की ख़ूबसूरती एक दूसरे की बातें बर्दाश्त करने में है,
ख़ुद जैसा इन्सान तलाश करोगे तो अकेले रह जाओगे।
जब हम गलत होते हैं,
तो समझौता चाहते हैं
और दूसरे गलत होते हैं...तो
हम न्याय चाहते हैं।
भूल होना प्रकृति है,
मान लेना संस्कृति है,
और सुधार लेना प्रगति है।
सुप्रभात
इतना गुस्सा तो गर्लफ्रेंड के धोखा देने के बाद नहीं आता, जितना गुस्सा...40 रुपये का तरबूज अंदर से सफेद निकलने के बाद आता है..