थोड़ा काजल लगा लिया एक बिंदी लगा लिया…
खुद तो सज गए हुजूर पर हमें तबाह कर दिया..
सत्ता दिमाग वाले को दी तो लूट लियासत्ता दिल वाले को दी तो लुटा दिया
"माँ' तुम्हारा होना, सारी कमी पूरी कर देता है,मकान को घर , आसमां को जमीं कर देता है l"
दोस्त बनकर भी वो नहीं साथ निभानेवाला,
वही अंदाज़ है उस ज़ालिम का ज़माने वाला।
हम तो बने ही थे तबाह होने के लिए,
तेरा छोडकर जाना तो महज बहाना था..!!