गरीब नहीं जानता क्या है मज़हब उसका
जो बुझाए पेट की आग वही है रब उसका
कांटे तो नसीब में आने ही थे ।
फूल जो हमने गुलाब का चुना था ।
इस कदर हम उनकी मोहब्बत में खो गये,
बस एक नजर पड़ी और हम उनके हो गये.
सर्दी में दिन सर्द मिला
हर मौसम बेदर्द मिला
Har aankh yahan yun to bahut roti he,
har boond magar ashk nahi hoti he,
par dekh k ro de jo zamaane ka gam,
us aankh se aansu jo gire moti he…
वीणा लेकर हाथ मे, सरस्वती हो आपके साथ मे,मिले माँ का आशीर्वाद आपको हर दिन,हर बार हो मुबारक़ आपको सरस्वती पूजा का ये दिन.