Na Tum Hosh Me Ho na Ham Hosh Me HaiChalo May-Kade Me Vahi Baat Hogi.
Na Tum Hosh Me Ho na Ham Hosh Me Hai
Chalo May-Kade Me Vahi Baat Hogi.
मोहब्बत है कितनी ज्यादा तुमसे
कहो तो सारे जहाँ को बता दूँ
तू करदे हाँ एक बार
तेरे कदमो में आसमा बिछा दूँ
आदमी की दिलेरी खून में होती है,
इसके कैप्सूल नहीं मिलते
दिसम्बर की सर्दी है उस के ही जैसी
ज़रा सा जो छू ले बदन काँपता है
दर्द हैं दिल में पर इसका ऐहसास नहीं होता,
रोता हैं दिल जब वो पास नहीं होता,
बरबाद हो गए हम उनकी मोहब्बत में,
और वो कहते हैं कि इस तरह प्यार नहीं होता!