दिसम्बर की सर्दी है उस के ही जैसी
ज़रा सा जो छू ले बदन काँपता है
तुम्हारे प्यार का मौसम
हर मौसम से प्यारा है
“मेरे इश्क में दर्द नहीं था पर दिल मेरा बे दर्द नहीं था,
होती थी मेरी आँखों से नीर की बरसात,
पर उनके लिए आंसू और पानी में फर्क नहीं था ”!
अगर आए तुम्हे हिचकियाँ,तो माफ़ करना मुझे,क्योंकि इस दिल को आदत है,तुम्हे याद करने की…
अगर आए तुम्हे हिचकियाँ,
तो माफ़ करना मुझे,
क्योंकि इस दिल को आदत है,
तुम्हे याद करने की…
तजुर्बे ने एक बात सिखाई है…एक नया दर्द ही…पुराने दर्द की दवाई है…!!