अपने ही अपनों से करते है अपनेपन की अभिलाषापर अपनों ने ही बदल रखी है अपनेपन की परिभाषा
अपने ही अपनों से करते है अपनेपन की अभिलाषा
पर अपनों ने ही बदल रखी है अपनेपन की परिभाषा
इंतजार हमेशा रहेगा तुम्हारा...
बस अब आवाज नहीं देंगे...❤️
बंदगी हम ने छोड़ दी है 'फ़राज़'
क्या करें लोग जब ख़ुदा हो जाएँ
Mere Baare Mein Apni Soch Ko
Thhoda Badal Ke Dekh,
Mujhse Bhi Bure Hain Log Tu
Ghar Se Nikal Ke Dekh.