इश्क़ का बीज*********बरसों पहले बोयापर खिला है अभी..फिर इश्क़ भी भलाबुढ़ा हुआ है कभी..
बातों ही बातों में कोई बात बुरी लग जाती है,इस लिए वो महीने में कई बार मुझसे लड़ जाती है lपूछता हूँ कि बात क्या है.. उसे भी याद नहीं,नाराज़ होती है फिर बात उसे कहाँ याद रह जाती है l
मैं ख्याल में हूँ तेरे,यातू ख्याल में है मेरे l
लफ़्ज़ों में क्या तारीफ़ करूँ आपकी,
आप लफ़्ज़ों में कैसे समा पाओगे,
जब लोग हमारे प्यार के बारे में पूछेंगे,
मेरी आँखों में जानेमन सिर्फ तुम नज़र आओगे।
“Happy Valentine’s Day Sweetheart”
मैं नहीं तो कोई और तेरी ख़्वाबों में आया करेगा,
रूठेगी तू और तुझे मनाया करेगा,
मगर क्या भरोसा है उसका
क्या वो मेरी तरह ही अपना वादा निभाया करेगा?
कितनी लम्बी ख़ामोशी से गुज़रा हूँ
उन से कितना कुछ कहने की कोशिश की