कबूल हो गई हर दुआ हमारी, मिल जो गई हमें चाहत तुम्हारी, अब नही चाहत है दिल में हमारे कुछ, जब से मिल गई है मोहब्बत तुम्हारी !
सुना है हश्र हैं उस की ग़ज़ाल सी आँखें
सुना है उस को हिरन दश्त भर के देखते हैं
हर दर्द की दवा हो तुम,
आज तक जो मांगी मेरी एक लौटी दुआ हो तुम,
तुम्हे मिलने की तमन्ना नहीं उठती कभी,
क्यूंकि जो हर वक़्त साथ रहती है वो हवा हो तुम.
“Happy Valentine’s Day ”
और क्या देखने को बाक़ी है
आप से दिल लगा के देख लिया
रात के शायद एक बजे हैं
सोता होगा मेरा चाँद
हम अपने इख़्तियार की हद से गुजर गए,चाहा तुम्हें तो प्यार की हद से गुजर गए,
जागी है अपने दिल में गुलाबों की आरज़ू,जब मौसम-ए-बहार की हद से गुजर गए।