दिल का दीपक कुछ ऐसे जल जाये,पत्थर में भी मोह्हबत उतर आये
उदासियाँ तो चहरे पे धूल की तरह है
हम अंदर से तो कल भी वही थे आज भी वही है
फिजा में महकती शाम हो तुम,प्यार में झलकता जाम हो तुम
सीने में छुपाये फिरते हैं हम यादें तुम्हारी
इसलिए मेरी जिंदगी का दूसरा नाम हो तुम
याद रुकती नही रोक पाने से.
दिल मानता नही किसी के समझाने से.
रुक जाती है धड़केने आपको भूल जाने से.
इसलिये आपको याद करते है जीने के बहाने से.
इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से
मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँ नहीं करते