माँ-बेटी के रिश्ते की बस यही सच्चाई है,बेटी को देखा तो लगा "माँ" की परछाई है l
कब आया, कब चला गया,कोई लुढ़कता सामान हो जाता हूँ,पेट की आग बुझाने को,रहता हूँ घर से दूर,कब आया, कब चला गया,अपने घर में भी, मेहमान हो जाता हूँ l
उदासियाँ तो चहरे पे धूल की तरह है
हम अंदर से तो कल भी वही थे आज भी वही है
हर दर्द की दवा हो तुम,
आज तक जो मांगी मेरी एक लौटी दुआ हो तुम,
तुम्हे मिलने की तमन्ना नहीं उठती कभी,
क्यूंकि जो हर वक़्त साथ रहती है वो हवा हो तुम.
“Happy Valentine’s Day ”
चेहरे पर तेरे सिर्फ मेरा ही नूर होगा,
उसके बाद फिर तू न कभी मुझसे दूर होगा,
जरा सोच के तो देख क्या ख़ुशी मिलेगी, जिस पल तेरी मांग में मेरे नाम का सिंदूर होगा।
“Happy Valentine’s Day”
इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से
मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँ नहीं करते